हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , आयतुल्लाहिल उज़्मा हुसैन नूरी हमदानी ने वैश्विक कैथोलिक नेता पोप लियोन चौदहवें को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी वर्चस्व और सियोनी अत्याचार के खिलाफ पोप के साहसिक रुख पर धन्यवाद दिया है।
अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि न्यायकारी और सर्वज्ञ ईश्वर उन सभी साहसी, सच्चे और सुधारक आवाज़ों को सुरक्षित रखे जो दुनिया के मज़लूमों, विशेष रूप से ईरान, लेबनान और फिलिस्तीन के लोगों के हक में ज़ुल्म के खिलाफ खड़ी हैं।
आयतुल्लाह नूरी हमदानी ने पोप के हालिया बयान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अमेरिका की शक्ति-प्रदर्शनकारी नीतियों और भ्रष्ट सियोनवाद के मुकाबले आपका रुख एक आवश्यक और ऐतिहासिक कदम है, जो आपके नाम और चरित्र को वैश्विक स्तर पर हमेशा के लिए अमर कर देगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह रुख इस सच्चाई को दर्शाता है कि ईश्वरीय धर्मों में हमेशा ऐसे समझदार विद्वान मौजूद रहे हैं जो मानवता और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए खड़े होते हैं, चाहे उन्हें इसकी कितनी भी बड़ी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
पत्र में आयतुल्लाह नूरी हमदानी ने पोप को हज़रत ईसा अलैहिस्सलाम की शिक्षाओं का अमानतदार बताते हुए कहा कि उनका बयान इस्लाम की बुनियादी धार्मिक शिक्षाओं से भी मेल खाता है, जहाँ ज़ुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने और मज़लूम के समर्थन पर ज़ोर दिया गया है।
अंत में उन्होंने आशा व्यक्त की कि ईश्वरीय पैगम्बरों की शिक्षाओं के आधार पर दुनिया के विभिन्न धर्मों के अनुयायियों के बीच एक वैश्विक एकता कायम होगी, जो वास्तविक सुधार और मुक्ति के मार्ग को प्रशस्त करेगी।
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